वडोदरा में दुनिया की सबसे बड़ी सोलर डिश स्थापित
गुजरात के वडोदरा शहर ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यहां गोरज मुनि आश्रम में एक ऐसी सोलर डिश स्थापित की गई है, जो दुनिया की सबसे बड़ी सोलर डिश है। यह तकनीक इतनी बड़ी है कि इसके जरिए प्रतिदिन 2000 लोगों के लिए भोजन पकाया जा सकता है और साथ ही 100 टन क्षमता वाला एयर कंडीशनिंग प्लांट भी चलाया जा सकता है।
पर्यावरणीय लाभ
यह सोलर कंसेंट्रेटर तकनीक पर्यावरण के दृष्टिकोण से बहुत लाभकारी है। यह कार्बन उत्सर्जन को घटाने में मदद करती है और ऊर्जा बचाती है। पहले मुनि सेवा आश्रम में प्रतिदिन लगभग 1000 किलो लकड़ी का उपयोग किया जाता था, जिससे खर्च और पर्यावरण को नुकसान हो रहा था। अब सोलर डिश की मदद से लकड़ी का उपयोग पूरी तरह से बंद हो जाएगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा।
सोलर डिश की विशेषताएं
यह सोलर डिश बहुत ही प्रभावी है और इसे सीमित जगह में स्थापित किया जा सकता है, जो अस्पताल जैसी संस्थाओं के लिए आदर्श है। इस तकनीक से एक 100 टन क्षमता वाला एयर कंडीशनिंग प्लांट चलाया जा सकता है, बिना गैस या बिजली के, जिससे हवा में प्रदूषण नहीं होगा।
दो डिश से दोगुनी क्षमता
यह सोलर डिश सूर्य की किरणों को केंद्रित करके उच्च तापमान उत्पन्न करती है, जिससे स्टीम तैयार की जाती है। पहले एक डिश से 100 टन का एयर कंडीशनिंग प्लांट चलाया जा सकता था, लेकिन गोरज आश्रम में दो डिश की स्थापना से अब इसकी क्षमता दोगुनी हो गई है।
सोलर डिश तकनीक से मिलने वाले लाभ
इस स्टीम तकनीक के माध्यम से आश्रम में प्रतिदिन 2000 लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा सकेगा। इसके अलावा, अस्पतालों में जहां-जहां स्टीम की आवश्यकता होती है, जैसे कि रसोई, लॉन्ड्री, स्टरलाइजेशन, गर्म पानी आदि, वहां भी इस तकनीक का उपयोग किया जाएगा। फिलहाल आश्रम में दो सोलर डिश स्थापित की गई हैं, जिससे संस्था को आर्थिक लाभ होगा और प्रदूषण कम होगा।
यह पहल नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल संस्था के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए फायदेमंद साबित होगी।