UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2026: IAS और IFS अधिकारी नहीं बैठ पाएंगे
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 5 जनवरी को सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार की अधिसूचना में नियमों में बदलाव के कारण चर्चा हो रही है। UPSC ने स्पष्ट किया है कि जो उम्मीदवार पहले से IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा) या IFS (भारतीय विदेश सेवा) में कार्यरत हैं, वे 2026 की परीक्षा में उपस्थित नहीं हो सकते।
यदि कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद IAS या IFS में नियुक्त होता है, तो वह मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा। इसी प्रकार, यदि मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन परिणाम घोषित होने से पहले किसी सेवा में नियुक्ति होती है, तो उसके नाम पर किसी भी सेवा के लिए विचार नहीं किया जाएगा।
IPS (भारतीय पुलिस सेवा) या केंद्रीय सेवा समूह 'A' में चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए एक बार की छूट दी जाएगी, जिससे वे अगले साल की परीक्षा में बैठ सकते हैं।
सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 की तिथि 24 मई निर्धारित की गई है। UPSC ने परीक्षा केंद्रों पर सभी उम्मीदवारों के लिए चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है और कुछ सेवाओं में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों के लिए पात्रता संबंधी सख्त नियम लागू किए हैं।
2026 के लिए रिक्तियां
UPSC ने 2026 की भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 933 रिक्तियों की घोषणा की है। इनमें से 33 पद विशेष दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं। यह प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC द्वारा प्रतिवर्ष तीन चरणों में आयोजित की जाती है - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार। इसके माध्यम से IAS, IFS और IPS सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के अधिकारी चुने जाते हैं।
UPSC की गाइडलाइन
UPSC ने कहा है कि सुरक्षित और सुचारु परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी उम्मीदवारों को परीक्षा स्थल पर अनिवार्य रूप से चेहरे की पहचान करानी होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे चेहरे की पहचान/सत्यापन और तलाशी के लिए समय से पहले परीक्षा स्थल पर पहुँचें। साथ ही पहचान और अन्य विवरणों के सहज सत्यापन के लिए अपने आधार कार्ड का उपयोग करें।