प्रदेश में 35 साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान मिलेगा। यह लंबे समय से चली आ रही मांग थी जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 13 जनवरी, 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की पात्रता 1 जुलाई 2023 या उसके बाद से होगी। इस निर्णय से 15,000 शिक्षकों को इसी वित्तीय वर्ष में लाभ मिलेगा, जबकि योजना के दायरे में सवा लाख शिक्षक आएंगे। इस निर्णय से पदोन्नति की पात्रता रखने वाले शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक और नए शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को प्रतिमाह 3,000 से 5,000 रुपये का लाभ होगा। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
कैबिनेट बैठक में वित्त विभाग की आपत्ति को दरकिनार करते हुए ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेले में वाहनों की विक्रय पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया गया। विभागीय अधिकारियों का कहना था कि भारत सरकार पहले ही जीएसटी दरों में संशोधन करके वाहनों पर छूट दे चुकी है, ऐसे में और छूट देने से राज्य के राजस्व को नुकसान हो सकता है। हालांकि मंत्रियों ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इसे सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं देखना चाहिए, क्योंकि मेले के मुख्य आकर्षण की वजह से अन्य वस्तुओं की बिक्री भी होती है, जिससे राज्य को राजस्व प्राप्त होता है। इसके बाद छूट देने का निर्णय लिया गया।



