एसआईआर के तहत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 6.50 करोड़ वोटर्स के नाम हटे
चुनाव आयोग ने 6 जनवरी को उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की। इसके साथ ही 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का पहला चरण पूरा हो गया।
वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के उद्देश्य से यह अभियान 28 अक्टूबर 2025 को शुरू हुआ था और 2 महीने 11 दिन तक चला।
करीब 6.59 करोड़ नाम हटाए गए
एसआईआर से पहले इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 50.97 करोड़ मतदाता दर्ज थे। सत्यापन के बाद यह संख्या घटकर 44.38 करोड़ रह गई। इस तरह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 6.59 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए।
यह संख्या कुल मतदाताओं का 12.93 प्रतिशत है, यानी हर 100 वोटर्स में से लगभग 13 नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में सबसे ज्यादा असर
मध्य प्रदेश और राजस्थान में लगभग 7.5 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यानी यहां हर 13वां नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो गया।
यह अंतिम वोटर लिस्ट नहीं है
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम वोटर सूची नहीं है। जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। पात्र मतदाता फॉर्म 6 या फॉर्म 7 भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।



