राजगढ़ और नरसिंहपुर में संस्कृत स्कूल, वेद, योग की पढ़ाई और गोमाता के पालन पर शोध होगा
मध्य प्रदेश सरकार ने राजगढ़ और नरसिंहपुर जिलों में नए संस्कृत विद्यालय खोलने की घोषणा की है। इन विद्यालयों में न केवल संस्कृत का अध्ययन होगा, बल्कि वेद और योग की पढ़ाई के साथ-साथ गोमाता के पालन और संरक्षण पर शोध भी कराया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है।
स्कूल शिक्षा और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने 22 दिसंबर को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों का रुझान देखकर भविष्य में अन्य जिलों में भी इसी तरह के संस्कृत विद्यालय खोले जा सकते हैं।
संस्कृत विद्यालयों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार
मंत्री ने बताया कि सरकार कुछ उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से सांदीपनि विद्यालयों के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, 2026 से अप्रैल में छात्रों को सभी शैक्षिक सामग्री जैसे किताबें और साइकिल उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
शिक्षक नियुक्ति और ड्रॉपआउट दर में कमी
मंत्री ने बताया कि अगले वर्ष 30,000 नए शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। पिछले तीन वर्षों में स्कूलों में ड्रॉपआउट दर में कमी आई है, और वर्ष 2024-25 में प्राथमिक कक्षाओं में यह दर शून्य हो जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल छोड़ने की समस्या एक बड़ी चुनौती है और इस दिशा में सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।
नवाचार: पुस्तक मेला और नया कार्यालय भवन
मंत्री ने यह भी बताया कि अगले अप्रैल में राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में पुस्तक मेला आयोजित किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों को सस्ती दरों पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पुस्तक मेला निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए भी खोला जाएगा। इसके साथ ही, शिक्षा विभाग के कार्यालयों को एक ही भवन में समाहित करने के लिए 20 मंजिला कार्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा।
परिवहन विभाग में सुधार और नई योजनाएं
मंत्री ने परिवहन विभाग के बारे में भी बात की और कहा कि अप्रैल से जून के बीच इंदौर में सुगम परिवहन सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा, अन्य जिलों में रूट सर्वे का काम लगभग पूरा हो चुका है।



