अब फिजियोथेरेपिस्ट भी अपने नाम के आगे 'डॉक्टर' लिख सकेंगे। यह निर्णय 23 अप्रैल को लिया गया, जिससे देशभर के फिजियोथेरेपी पेशेवरों को बड़ी राहत मिली है और उनके सम्मान में बढ़ोतरी हुई है।
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में विधानसभा में स्वीकार किया है कि फिजियोथेरेपिस्ट को विधिक रूप से डॉक्टर माना गया है। यह निर्णय नेशनल कमीशन फॉर हेल्थकेयर एंड अलाइड प्रोफेशन्स एक्ट 2021 के तहत लिया गया है, जिसके तहत केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त है।
इस एक्ट के तहत, फिजियोथेरेपिस्ट स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस कर सकते हैं और उन्हें 'डॉक्टर' के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह निर्णय खेल जगत से लेकर आम मरीजों तक, फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका को और महत्वपूर्ण बनाता है।
अमृतकौर अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट और एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. सिद्धांत जोशी ने बताया कि अब फिजियोथेरेपिस्ट भी स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस कर सकेंगे और उन्हें भी डॉक्टर बोला जा सकेगा।