अब मेडिकल स्टोर पर कोडीन वाले सिर्फ 50 कफ सिरप रखने की अनुमति
स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टर के पर्चे के बच्चों को कफ सिरप बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है। इसके साथ ही, विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया है ताकि बिना सलाह के बच्चों को दवा न दी जाए। यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध के बाद, जिले में विशेष सतर्कता बढ़ा दी गई है। सभी मेडिकल स्टोर्स को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों के लिए कफ सिरप केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही बेचें। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीम द्वारा विभिन्न कंपनियों के बच्चों के कफ सिरप के नमूने लिए जा रहे हैं।
ड्रग वेयरहाउस से लिए गए चार नमूने अधोमानक पाए गए, जिस पर सीजेएम कोर्ट में वाद दर्ज किया गया है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में Coldrif कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों के बाद प्रदेश में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमें मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी और निजी संस्थानों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रतिबंधित कफ सिरप का कहीं भी उपयोग न हो। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की जा रही है और प्रतिबंधित दवा के उपयोग पर सख्त हिदायत दी जा रही है।
हाल ही में मेडिकल कॉलेज के ड्रग स्टोर से बच्चों के कफ सिरप के पांच नमूने लिए गए और मुख्य फार्मासिस्ट को सख्त निर्देश दिए गए कि वह प्रतिबंधित कंपनी की दवाएं उपयोग में न लाएं। वहीं, अकबरपुर कस्बा स्थित अस्पताल के मेडिकल स्टोर का भी निरीक्षण किया गया और आवश्यक हिदायतें दी गईं।
जिला औषधि निरीक्षक अजय संतोषी ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक प्रतिबंधित कंपनी की कोई दवा नहीं मिली है, लेकिन गत माह चार मामलों में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है। सभी नमूने लखनऊ की राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए थे, जहां वे अधोमानक पाए गए।