मध्यप्रदेश सरकार एआई मिशन मोड में काम करेगी


मध्यप्रदेश सरकार एआई मिशन मोड में काम करेगी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था, प्रबंधन, तकनीक और अकादमिक नवाचार विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी रूप से सहायक होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण का अध्ययन केंद्र और शंकराचार्य जी की साधना केंद्र भी स्थित हैं। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ रही है और सभी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए एआई का उपयोग कर रही है। एआई वर्तमान समय में शासन, उद्योग और समाज के लिए एक परिवर्तनकारी शक्ति है। राज्य जल्द ही एआई नीति लाएगा और मिशन मोड पर व्यापक रूप से कार्य किया जाएगा। माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की भी बड़ी संभावनाएं हैं।

एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस और स्पेस टेक नीति 2026

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 जनवरी को भोपाल के ताज लेक फ्रंट में 'मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026' का शुभारंभ किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम आरंभ किया और एआई लिटरेसी मिशन के तहत 'फ्यूचर स्किल्स फॉर एआई पावर्ड इंडिया' कौशल रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 का भी उद्घाटन किया। विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हुआ।

उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन और मध्यप्रदेश इनोटेक प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे ने "एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस - मध्यप्रदेश रोडमैप टू इम्पैक्ट" पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया। एआई लिटरेसी मिशन के अंतर्गत 'युवा एआई फॉर ऑल' लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। एमपी राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक श्री आशीष वशिष्ठ ने कॉन्फ्रेंस के उद्देश्यों और एमपीएसईडीसी के नोडल एजेंसी के रूप में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने की भूमिका पर प्रकाश डाला।

स्पेस टेक नीति और एआई लैब्स

स्पेस टेक नीति राज्य को भारत के उभरते अंतरिक्ष क्षेत्र में अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। नीति के तहत स्पेस टेक स्टार्टअप्स, एमएसएमई और उद्योगों को वित्तीय, अवसंरचनात्मक और अनुसंधान सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह कृषि, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन और शहरी नियोजन में अंतरिक्ष आधारित अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने में मदद करेगा और निवेश, नवाचार तथा राष्ट्रीय अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र में मध्यप्रदेश की भूमिका को सशक्त बनाएगा।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा छह एमओयू किए गए, जिनमें यंगोवेटर (आंसर फाउंडेशन), सीईईडब्ल्यू, गूगल, नैसकॉम, एआईएसईसीटी और भाषिणी शामिल हैं। ये समझौते शिक्षा, नवाचार, रोबोटिक्स, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, एआई आधारित शासन और कौशल विकास को बढ़ावा देंगे। इसके अलावा, इंडिया एआई और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के बीच उच्च गुणवत्ता वाली एआई शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के लिए समझौता हुआ। मध्यप्रदेश में 30 डेटा एवं एआई लैब्स स्थापित की जाएंगी।




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