कर्नाटक चुनाव सर्वे: 91% लोग 2024 चुनाव को निष्पक्ष मानते हैं
कर्नाटक चुनाव आयोग द्वारा किए गए एक सर्वे में 91% लोगों ने 2024 के लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष और स्वतंत्र बताया है। यह सर्वे कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों के विपरीत है। यह सर्वे कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी विभाग द्वारा कराया गया था, और यह कर्नाटक के लोगों की चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास को दर्शाता है।
यह सर्वे रिपोर्ट कर्नाटक के मानिटरिंग एंड इवैल्युएशन अथॉरिटी द्वारा 1 जनवरी 2026 को जारी की गई। सर्वे के अनुसार, 91.31% लोगों ने भारत में चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया है, जबकि 84% लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर भरोसा जताया है।
हालांकि, कांग्रेस ने केवल 5100 लोगों के छोटे से सैंपल साइज पर सवाल उठाया है और सर्वे करने वाले एनजीओ (GRAM) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस सर्वे के प्रमुख, आर. बाला सुब्रह्मण्यम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी हैं, जिससे इस सर्वे की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।
भा.ज.पा. ने इस मौके का फायदा उठाते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला और कहा कि कर्नाटक सर्वे उनके आरोपों को झुठलाता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने इस सर्वे को राहुल गांधी के लिए "रियलिटी चेक" बताया, जो 2024 के चुनावों में वोट चोरी के आरोप लगा रहे थे।
जुलाई 2025 में, राहुल गांधी ने बेंगलुरू के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया था, जिससे चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी की आशंका जताई गई थी। लेकिन कर्नाटक सर्वे के परिणाम सीधे तौर पर इन आरोपों को खारिज करते हैं।
भा.ज.पा. ने इस सर्वे के परिणामों का इस्तेमाल कांग्रेस के चुनावी निष्पक्षता के आरोपों पर सवाल उठाने के लिए किया, जबकि कांग्रेस इस सर्वे की पद्धति और एनजीओ की विश्वसनीयता पर संदेह जताती रही है।