ब्याज दरें लंबे समय तक कम रह सकती हैं - संजय मल्होत्रा
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि जीडीपी की वृद्धि ने चौंकाया है, जिसके कारण आरबीआई को अर्थव्यवस्था के विकास के अपने अनुमान को बढ़ाना पड़ा है। जुलाई-सितंबर तिमाही में आरबीआई ने 7% जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया था, जबकि सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि 8.2% रही।
ब्याज दरों पर टिप्पणी
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने उम्मीद जताई कि ब्याज दरें लंबे समय तक कम बनी रह सकती हैं, क्योंकि मजबूत आर्थिक वृद्धि और अमेरिका तथा यूरोप के साथ संभावित व्यापार समझौतों से अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा। उन्होंने यह बात फाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए इंटरव्यू में कही। इस महीने की शुरुआत में आरबीआई ने रेपो दर को 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया था।
मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई ने जो जीडीपी वृद्धि का अनुमान दिया है, उसमें अमेरिका और यूरोप के साथ व्यापार समझौतों के संभावित फायदों को ध्यान में नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि अगर इन देशों से व्यापार समझौते होते हैं, तो इससे भारत की जीडीपी वृद्धि में आधा प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है।
वृद्धि पर प्रभाव
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि इन व्यापार समझौतों के फायदों से देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी और इससे ब्याज दरों को कम बनाए रखने में मदद मिलेगी, जिससे निवेशकों और उपभोक्ताओं को लाभ होगा।



