आयकर छूट बढ़ने के बावजूद भारत में कर संग्रह में 8% की वृद्धि
सरकार द्वारा आयकर छूट बढ़ाने के बावजूद, पिछले 4 वर्षों में देश में कर चुकाने वालों की संख्या 50% बढ़ गई है। पिछले बजट में सरकार ने आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर 12 लाख कर दी थी, जिसके बाद यह अनुमान लगाया गया था कि अब सरकार के खजाने में कमी आएगी। लेकिन, 2 जनवरी को जारी किए गए आंकड़े साफ-साफ यह दिखाते हैं कि आयकर छूट देने का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। आयकर विभाग ने इस साल अप्रैल से अब तक के कर संग्रह के आंकड़े जारी किए हैं, जो 8% की वृद्धि को दर्शाते हैं।
आयकर विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से 17 दिसंबर के बीच शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 8% की वृद्धि हो कर यह ₹17.04 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। इस वृद्धि का कारण रिफंड की धीमी प्रक्रिया और कंपनियों द्वारा अधिक अग्रिम कर भुगतान बताया गया है।
आंकड़ों में यह भी बताया गया है कि शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह में 10.54% की वृद्धि हुई है, जो ₹8.17 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जबकि गैर-कॉरपोरेट कर (जिसमें व्यक्तियों, हिंदू अविभाज्य परिवार (HUF) और अन्य कंपनियों द्वारा भुगतान किए गए कर शामिल हैं) में 6.37% की वृद्धि हुई है और यह ₹8.47 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।