इंदौर, भोपाल सहित देश के 49 शहरों में रेलवे सुविधाओं का विस्तार
अगले पाँच वर्षों में ट्रेनों की संचालन क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य
यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे ने देश के प्रमुख शहरों में रेल गाड़ियों की संचालन क्षमता अगले पाँच वर्षों में दोगुनी करने की व्यापक योजना तैयार की है। इस पहल का उद्देश्य भीड़भाड़ कम करना, यातायात को सुगम बनाना और राष्ट्रव्यापी संपर्क सुविधा को सुदृढ़ करना है।
केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि व्यस्त स्टेशनों पर यातायात को बेहतर बनाने के लिए कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए जोनल रेलवे से अल्पकालिक और मध्यम अवधि के उपाय प्रस्तावित करने को कहा गया है।
वर्ष 2030 तक क्षमता दोगुनी करने के लिए प्रमुख कार्य
- मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन और शंटिंग सुविधाओं का विकास।
- शहरी क्षेत्रों और उनके आसपास नए रेल टर्मिनलों की पहचान और निर्माण।
- मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स सहित उन्नत रखरखाव सुविधाओं का निर्माण।
- सिग्नलिंग उन्नयन, मल्टी-ट्रैकिंग और यातायात सुविधा कार्यों के माध्यम से अनुभागीय क्षमता में वृद्धि।
टर्मिनलों की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाते समय आसपास के स्टेशनों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि संपूर्ण क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। उदाहरणस्वरूप, पुणे स्टेशन के साथ-साथ हडपसर, खड़की और आलंदी स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
यह योजना उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों प्रकार के यातायात के लिए लागू की जाएगी, जिसमें दोनों की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा। इंदौर, भोपाल सहित कुल 48–49 प्रमुख शहरों के लिए एक व्यापक योजना पर कार्य चल रहा है।
चरणबद्ध क्रियान्वयन योजना
हालांकि लक्ष्य वर्ष 2030 तक क्षमता दोगुनी करने का है, लेकिन अगले पाँच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से क्षमता वृद्धि की जाएगी, ताकि इसके लाभ तुरंत मिल सकें। सभी परियोजनाओं को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा:
- तत्काल कार्य
- अल्पकालिक कार्य
- दीर्घकालिक कार्य
प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट समय-सीमा और परिभाषित परिणाम तय किए जाएंगे। सभी क्षेत्रीय रेलवे को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने मंडलों में न केवल टर्मिनल क्षमता, बल्कि अनुभागीय क्षमता, यार्ड और परिचालन बाधाओं का भी समाधान करें।
रेल मंत्री का वक्तव्य
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हम यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए विभिन्न शहरों में कोचिंग टर्मिनलों का विस्तार कर रहे हैं और अनुभागीय एवं परिचालन क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं। इससे रेलवे नेटवर्क का आधुनिकीकरण होगा और देशव्यापी संपर्क सुविधा में सुधार आएगा।”