भारत-न्यूजीलैंड के बीच एफटीए वार्ता संपन्न
वैश्विक कारोबार में भारत की अहमियत लगातार बढ़ रही है। पिछले सप्ताह भारत ने न्यूजीलैंड के साथ दूसरा व्यापार समझौता पूरा किया। इससे पहले ओमान के साथ कंप्रेहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीपीए) पर हस्ताक्षर किए गए थे। न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से कृषि उत्पादों और अन्य श्रमप्रधान क्षेत्रों से जुड़े आइटम अब न्यूजीलैंड में बिना शुल्क के निर्यात किए जा सकेंगे। इससे भारतीय किसानों और एमएसएमई को बड़ा लाभ मिलेगा।
भारत ने न्यूजीलैंड के लिए अपने कृषि और डेयरी बाजारों को नहीं खोला है, लेकिन सेब, किवी, मनुका शहद और न्यूजीलैंड की वाइन पर शुल्क में बड़ी राहत दी है, जिससे ये उत्पाद भारत में सस्ते होंगे। न्यूजीलैंड भारतीय किसानों को सेब, किवी और डेयरी उत्पादकता बढ़ाने के लिए अपनी तकनीक से मदद करेगा। न्यूजीलैंड से आयात होने वाले कोकिंग कोयला, लकड़ी और स्क्रैप सामग्री पर शुल्क को हटा दिया गया है, जिससे भारतीय मैन्युफैक्चरिंग को सस्ते कच्चे माल मिलेंगे।
मैन्युफैक्चरिंग में 1.8 लाख करोड़ रुपये का निवेश
एफटीए के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग में 1.8 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तु व्यापार महज 1.3 अरब डॉलर का था, लेकिन अब भारतीय निर्यातकों के लिए वस्त्र, चमड़ा, इंजीनियरिंग सामान, आभूषण, दवाइयां, रसायन और प्लास्टिक जैसे उत्पादों के निर्यात में बड़ा अवसर मिलने जा रहा है। वर्तमान में भारतीय वस्तुओं पर 2-10 प्रतिशत शुल्क लगता है, जो एफटीए लागू होने के बाद शून्य हो जाएगा।
न्यूजीलैंड में भारतीय छात्रों और श्रमिकों के लिए नए अवसर
दोनों देशों के बीच मंजूर एफटीए पर अगले तीन महीनों में हस्ताक्षर किए जाएंगे और उसके बाद एक-दो महीनों में इसे लागू किया जाएगा। न्यूजीलैंड में कुशल श्रमिकों की कमी के कारण भारतीय छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए नए दरवाजे खोले गए हैं। स्वास्थ्य, आईटी, पर्यटन और अन्य 118 प्रकार की सेवाओं पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। न्यूजीलैंड में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों को सप्ताह में 20 घंटे काम करने की अनुमति होगी।
युवाओं के लिए नए वर्क वीजा अवसर
भारत के विज्ञान, प्रौद्योगिकी, गणित और अंग्रेजी के छात्रों को 2-4 साल का वर्क वीजा मिलेगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि यह एक समग्र एफटीए है, जो किसानों, एमएसएमई, सेवा क्षेत्र और भारतीय युवाओं को उन्नति करने का अवसर प्रदान करेगा। इस एफटीए वार्ता को सिर्फ नौ महीने के रिकॉर्ड समय में वाणिज्य मंत्रालय की महिला अधिकारियों की टीम ने पूरा किया।
भारत के एफटीए समझौते की वृद्धि
कुछ वर्षों में ही भारत ने मारिशस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, एफटीए देशों (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिचटेंस्टाइन), ब्रिटेन और ओमान के साथ एफटीए किए हैं। अब न्यूजीलैंड भी इस सूची में शामिल हो गया है। अगले महीने भारत यूरोपीय संघ के साथ एफटीए कर सकता है और अगले साल अमेरिका और कनाडा जैसे प्रमुख देशों के साथ भी एफटीए होने की पूरी संभावना है।