कर्तव्य पथ पर जीवंत होगी लोकमाता अहिल्या बाई होलकर की गौरव गाथा
गणतंत्र दिवस 2026 पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और नारी शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस वर्ष मध्यप्रदेश की झांकी “पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर” के व्यक्तित्व और उनके महान कृतित्व पर केंद्रित होगी।
यह वर्ष लोकमाता अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती का है, जिसे प्रदेश सरकार झांकी के माध्यम से पूरे विश्व के सामने गर्व के साथ प्रस्तुत कर रही है।
पीपुल्स च्वाइस अवार्ड: ऑनलाइन वोटिंग
मध्यप्रदेश की गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च स्थान दिलाने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा ‘पीपुल्स च्वाइस अवार्ड’ के अंतर्गत ऑनलाइन वोटिंग का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेशवासी MyGov पोर्टल पर जाकर राज्यों की सूची में ‘Madhya Pradesh’ का चयन कर अपना बहुमूल्य मत दे सकते हैं।
ऑनलाइन वोटिंग की समय-सीमा 26 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है।
झांकी का स्वरूप: आध्यात्म और विकास का संगम
झांकी के अग्र भाग में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की वात्सल्यमयी प्रतिमा प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें वे हाथ में शिवलिंग धारण किए हुए होंगी। यह दृश्य भारतीय मातृशक्ति की सौम्यता और अदम्य आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है।
झांकी के मध्य भाग में उन्हें अश्वारूढ़ एक कुशल प्रशासक और वीरांगना के रूप में दर्शाया जाएगा, जो उनके साहस और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है। झांकी के अंतिम भाग में मां नर्मदा के तट पर स्थित महेश्वर घाट, मंदिर और किले की भव्य झलक प्रस्तुत की जाएगी।
इसके साथ ही लोकमाता द्वारा देशभर में कराए गए प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्धार, जैसे काशी विश्वनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ, सोमनाथ और जगन्नाथपुरी, को पैनलों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
झांकी का विशेष आकर्षण महेश्वरी साड़ी का निर्माण करती महिलाएं होंगी, जो मध्यप्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करेंगी। झांकी के साथ चलते लोक कलाकार अपनी मधुर लोक धुनों से वातावरण को संगीतमय बनाएंगे।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 की प्रमुख विशेषताएं
यह परेड यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होगी। परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश भाग लेंगे।
रक्षा मंत्रालय द्वारा इस वर्ष “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” और “समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत” थीम निर्धारित की गई है। इन्हीं विषयों के अंतर्गत मध्यप्रदेश की झांकी लोकमाता अहिल्या बाई होलकर के आध्यात्मिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक योगदान को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी।



