अटल पेंशन योजना 2031 तक जारी रहेगी
असंगठित क्षेत्रों के श्रमिकों को बुढ़ापे में पेंशन की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2015 में शुरू की गई अटल पेंशन योजना को सरकार ने वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
यह फैसला 21 जनवरी को आयोजित कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिया गया। निर्णय के अनुसार, इस योजना को जारी रखने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही असंगठित श्रमिकों के बीच योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रचार एवं जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
अटल पेंशन योजना का महत्व
- निम्न आय वर्ग और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा
- वित्तीय समावेशन को बढ़ावा
- विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान
- पेंशन की शुरुआत 60 वर्ष की आयु से
- मासिक पेंशन राशि ₹1000 से ₹5000 तक
14 जनवरी तक इस योजना के अंतर्गत 8.66 करोड़ से अधिक लोग नामांकित हो चुके हैं।
सिडबी को 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता की कैबिनेट मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 21 जनवरी को हुई कैबिनेट कमेटी की बैठक में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता देने की मंजूरी दी गई।
यह इक्विटी पूंजी वित्तीय सेवा विभाग द्वारा सिडबी में तीन चरणों में निवेश की जाएगी:
- वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹3000 करोड़
- वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹1000 करोड़
- वित्तीय वर्ष 2027-28 में ₹1000 करोड़
इस निवेश का प्रभाव
- सिडबी अधिक संख्या में एमएसएमई को लोन दे सकेगा
- अगले तीन वर्षों में 25 लाख से अधिक नए एमएसएमई लाभान्वित होंगे
- छोटे उद्योगों, रोजगार और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
यह निर्णय देश की आर्थिक वृद्धि और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



