वैज्ञानिक प्रयोग डिजिटल होंगे: महंगे लैब उपकरणों के वर्चुअल क्लोन तैयार


24 फरवरी को छात्रों को महंगे वैज्ञानिक प्रयोग करने के लिए बड़ी लैब की जरूरत नहीं पड़ेगी। कलाम सेंटर और होमी लैब ने मिलकर ऐसा वर्चुअल रियलिटी (वीआर) प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे छात्र आसानी से विज्ञान के प्रयोग कर सकेंगे। इससे सीखने की प्रक्रिया आसान होगी और विज्ञान के छात्रों को असली लैब में काम करने जैसा अनुभव भी मिलेगा।

वर्चुअल लैब्स जो वीआर और ए.आई. के जरिए बनाई गईं

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के सलाहकार सृजन पाल सिंह ने वर्चुअल रियलिटी और ए.आई. का उपयोग करके बायोलॉजी, फिजिक्स, और केमिस्ट्री से जुड़े 20 प्रकार के प्रयोगों के लिए लैब तैयार की है। इस प्रयोगशाला में एमआरआई मशीन, एक्स-रे, डिफ्रैक्शन मशीन जैसे महंगे उपकरणों के डिजिटल क्लोन तैयार किए गए हैं।

सिंह का कहना है कि इस ए.आई.-आधारित वर्चुअल लैब इंस्ट्रक्टर छात्रों को प्रत्येक कदम पर मार्गदर्शन करेगा। छात्र इसे किसी भी भाषा में कर सकेंगे और परिणाम भी भौतिक प्रयोगशाला जैसे ही होंगे।

फिजिकल लैब की लागत के केवल 1% में डिजिटल क्लोन तैयार होंगे

फिजिकल लैब तैयार करने की कुल लागत के सिर्फ 1% खर्च में ही डिजिटल क्लोन तैयार किए जा सकते हैं। भारत के कई हिस्सों में विज्ञान के छात्र महंगे वैज्ञानिक प्रयोगों को केवल किताबों में पढ़ते हैं क्योंकि वहां आधुनिक लैब उपलब्ध नहीं हैं। अब डिजिटल क्लोन तकनीक के जरिए ये प्रयोग छोटे शहरों और गांवों के छात्रों तक भी पहुंचेगा।

शिक्षा में प्रैक्टिकल और तकनीकी आधारित परिवर्तन

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत, शिक्षा को और अधिक प्रैक्टिकल और तकनीकी आधारित बनाया जा रहा है। इस वर्चुअल लैब सिस्टम से छात्र सिर्फ किताबों में पढ़ने की बजाय खुद प्रयोग करके सीखेंगे। इससे उनकी विज्ञान और इंजीनियरिंग में रुचि भी बढ़ेगी और यह शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव लाएगा।

एमएसएमई विकास नीति 2025 से आर्थिक सशक्तिकरण

18 फरवरी 2025 को, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति-2025 और स्टार्ट-अप नीति और कार्यान्वयन योजना-2025 को मंजूरी दी। यह नीति प्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए है।

निवेश और निर्यात प्रोत्साहन

एमपी एमएसएमई विकास नीति-2025 के तहत 40% तक निवेश पर सहायता, नवीकरणीय ऊर्जा के प्रोत्साहन, अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए 48% सहायता और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया गया है।

कौशल विकास और रोजगार सृजन

मध्यम इकाई को 100 से अधिक रोजगार देने पर डेढ़ गुना अनुदान मिलेगा। कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए ₹13,000 प्रति व्यक्ति सहायता का भी प्रावधान है।

सेवा क्षेत्र के लिए पहली बार सहायता

सेवा क्षेत्र को पहली बार लॉजिस्टिक, रिसाईकलिंग, मोटर यान स्क्रेपिंग, और आर एंड डी के लिए सहायता दी जाएगी। विशेष पैकेज भी मेडिकल डिवाइस और फुटवियर के लिए दिया गया है।

नवीन स्टार्ट-अप नीति के तहत विशेष प्रावधान

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति में उत्पाद आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें विद्युत शुल्क में छूट, रोजगार सृजन प्रोत्साहन और सीड अनुदान शामिल है।

ऑनलाइन भूमि और भवन आवंटन

एमएसएमई को औद्योगिक भूमि और भवन आवंटन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है। अब भूमि का आवंटन ई-बिडिंग पद्धति से किया जाएगा।




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