हाईकोर्ट का आदेश - ज्यादा दिव्यांगों को नौकरी में प्राथमिकता


हाईकोर्ट का आदेश - ज्यादा दिव्यांगों को नौकरी में प्राथमिकता

मध्यप्रदेश के दिव्यांग युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। अब प्रदेश में 100% दिव्यांगों को सरकारी नौकरी में पहले प्राथमिकता दी जाएगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर इसका पालन नहीं किया गया तो विज्ञापन को निरस्त कर दिया जाएगा। कोर्ट ने 4 मार्च को इंदौर, कन्नौद और जावरा नगरीय निकाय के विज्ञापनों को रद्द कर दिया है। इस आदेश के बाद मध्यप्रदेश के दिव्यांग युवाओं में खुशी की लहर है।

मध्यप्रदेश के कई विभागों में आंशिक रूप से दिव्यांग युवाओं को नौकरी दी गई थी, जबकि आवेदन करने वालों में पूर्ण रूप से दिव्यांग भी शामिल थे। कुछ मामलों में ऐसे भी थे जिनमें संबंधित नौकरी के लिए उम्मीदवार योग्य नहीं थे लेकिन फिर भी नौकरी पा ली थी। इसके बाद पूर्ण रूप से दिव्यांग उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें नौकरी देने की मांग की थी।

मामले में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने कौशल विकास विभाग और नगर पालिका कन्नौद, जावरा और इंदौर के विज्ञापनों को निरस्त कर दिया। साथ ही, कोर्ट ने 4 महीने के भीतर ज्यादा दिव्यांगता वाले दिव्यांगों को प्राथमिकता देते हुए भर्ती प्रक्रिया के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि 100% दिव्यांगों को पहले नौकरी का हक दिया जाएगा।




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