9 साल की हर्षिका को वर्ल्ड कप योग में रजत पदक
उत्तराखंड की 'रबर डॉल' के नाम से मशहूर 9 साल की योगिनी हर्षिका रिखाड़ी ने दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल योग चैंपियनशिप 2025 में दो मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। हर्षिका ने सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते और महज 9 साल की उम्र में इतिहास रचा।
हर्षिका उत्तराखंड से इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली एकमात्र प्रतिभागी थीं। उन्होंने यूनिवर्सल योग स्पोर्ट्स फेडरेशन (UYSF) के तत्वाधान में आयोजित 4th World Cup Yoga Championship में अपनी योग प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता 27 दिसंबर को दिल्ली में आयोजित हुई थी, जिसमें 17 देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते
हर्षिका ने ट्रेडिशनल योग प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल जीता, जबकि आर्टिस्टिक योग में तीसरा स्थान प्राप्त कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद शुभकामनाओं का तांता लग गया है।
हर्षिका की यात्रा और उनके पिता का समर्थन
हर्षिका के पिता भुवन रिखाड़ी ने बताया कि हर्षिका 5 साल की उम्र से मोबाइल पर योग वीडियो देखा करती थी। उसकी रुचि को देखते हुए उसे योग अकादमी में भेजा गया, जहां उसने कम समय में कठिन से कठिन आसनों में महारथ हासिल की। हर्षिका का सपना था कि वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए मेडल लाए, और आज उसका सपना पूरा हुआ है। भुवन ने अपनी बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वह जल्द ही देश के लिए गोल्ड मेडल लाएगी।
हल्द्वानी में "रबर डॉल" के नाम से मशहूर
योग की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी हर्षिका रिखाड़ी अब तक राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 30 मेडल जीत चुकी हैं, जिनमें से 15 गोल्ड मेडल हैं। कम उम्र में कठिन योग आसनों को प्रदर्शित करके हर्षिका ने हल्द्वानी में "रबर डॉल" के नाम से प्रसिद्धि हासिल की है।
प्रतियोगिता से 4 दिन पहले अस्पताल से घर लौटी थीं हर्षिका
हर्षिका के पिता ने बताया कि वह प्रतियोगिता से चार दिन पहले अस्पताल में भर्ती थीं क्योंकि उन्हें वायरल फीवर हो गया था। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी हर्षिका ने प्रतियोगिता में भाग लेने की जिद की और दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल योग चैंपियनशिप में दो मेडल जीते।