बजट 2026-27: रोजगार सृजन और निर्यात को मिले प्राथमिकता


बजट 2026-27: रोजगार सृजन और निर्यात को मिले प्राथमिकता

उद्योग संगठन FICCI द्वारा जारी सर्वे के अनुसार, बढ़ते वैश्विक तनाव को देखते हुए सरकार को अगले बजट में रोजगार सृजन और निर्यात के समर्थन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उद्योग जगत के आधे प्रतिभागियों को उम्मीद है कि 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि 7 से 8 प्रतिशत के दायरे में रहेगी।

लगभग 80% प्रतिभागी वृद्धि की संभावनाओं के प्रति आशावादी हैं, जिससे भारत की मध्यम अवधि की आर्थिक स्थिति पर मजबूत भरोसा दिखता है। सर्वे दिसंबर 2025 के अंत और जनवरी 2026 के बीच लगभग 100 कंपनियों के जवाबों पर आधारित है।

निर्यात और नीतिगत सुझाव

प्रतिभागियों ने निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए RODTEP (रिमिशन ऑफ ड्यूटीज एंड टैक्सेस ऑन एक्सपोर्टेड प्रोडक्ट्स) के तहत आवंटन बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा SEZ नीतियों में सुधार और सीमा शुल्क को तर्कसंगत बनाने के सुझाव दिए गए। कंपनियों ने प्रत्यक्ष कर अनुपालन को आसान बनाने, डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने और तेजी से विवाद सुलझाने के उपायों की भी मांग की।

तीन प्रमुख प्राथमिकताएँ

  • रोजगार सृजन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर पर निरंतर ध्यान
  • निर्यात के लिए बढ़ावा

FICCI ने कहा कि मुख्य फोकस वाले क्षेत्र हैं: इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और MSME।

मैन्युफैक्चरिंग और पूंजीगत व्यय पर जोर

सर्वे प्रतिभागियों ने राजकोषीय समझदारी पर जोर दिया। लगभग 42% प्रतिभागियों को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4% रहेगा। सरकार को मैन्युफैक्चरिंग और पूंजीगत व्यय पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखना चाहिए।

विशेष रूप से, रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत व्यय में 30% वृद्धि करके अग्रिम पंक्ति के हथियारों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, ड्रोन PLI निवेश बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है।




पत्रिका

...
Pratiyogita Nirdeshika April 2026
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे
...
Books for MPPSC Exam Preparation 2026 || विभिन्न परीक्षाओं हेतु उपयोगी 12 अंक मात्र 150 में
और देखे
...
Pratiyogita Nirdeshika March 2026
और देखे